दिल्ली सरकार ने 3 साल बाद किया DCPCR का पुनर्गठन, अध्यक्ष समेत 5 सदस्यों की नियुक्ति
Delhi Government Reconstitutes DCPCR
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर लगभग तीन वर्षों से रिक्त पड़े दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत आयोग में एक अध्यक्ष और चार नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यास को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं राहुल गौतम, कुंदन कंसकर, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को आयोग का सदस्य बनाया गया है। सभी नियुक्तियां कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि यह पुनर्गठन बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008 तथा गृह मंत्रालय की संबंधित अधिसूचना के तहत किया गया है। आयोग के रिक्त रहने के लगभग तीन वर्ष बाद यह नियुक्तियां की गई हैं।
बयान के मुताबिक, अध्यक्ष और सभी सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। हालांकि, यदि अध्यक्ष 65 वर्ष और सदस्य 60 वर्ष की आयु सीमा पहले पूरी कर लेते हैं, तो उनका कार्यकाल उसी समय समाप्त माना जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनका समग्र विकास दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि DCPCR को मजबूत करना बच्चों के अधिकारों के प्रभावी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आयोग का नया नेतृत्व संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ बच्चों के हितों की रक्षा करेगा।